Thursday, August 14, 2014

आओ एक नया भारत बनायें

एक दिया प्यार  का हम , आओ मिलके आज जलाएं
छोड़ धर्म और जात की बाते, आओ सबको गले लगाएं

ये वो मिटटी है हम सब, जिसकी गोद में  खेले हैं

हर पग हर्ष का सावन है, हर छण बैसाखी के मेले हैं
आओ फिर ईद मिले हम , आओ फिर गुलाल लगाएं
अपनी शान तिरंगे को, आओ हर गली चौक फहराएं

एक दिया प्रेम का हम ,आओ मिलके आज जलाएं..



आन है  भारत, प्राण है भारत, हम लोगो की  शान है भारत
नेताजी की भूमि है ये, भगत सिंह का बलिदान है  भारत
पटेल और सैयद की शिक्षा हम से कहीं बेकार  न जाए
आओ लगन से लगन मिला के एक नया भारत बनायें

एक दिया प्रेम का हम ,आओ मिलके आज जलाएं



ऐसा बनायें भारत अपना, जैसे प्रेम का कोई उपवन 
पुष्प एकता की हो इसके , प्रगति के हो सुन्दर स्वप्न 
आओ फिर से हाथ मिलके सोने की चिड़िया इसे बनाये 
जगत गुरु भारत इस विश्व को, शांति पथ पर ले जाये 

एक दिया प्यार  का हम ,आओ मिलके आज जलाएं

छोड़ धर्म और जात की, बाते आज सबको गले लगाएं

रिफ 

                                            

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